प्रारंभिक जांचे में ही मिले सैकड़ों सागौन के ठूंठ, 3 नाकेदार निलंबित
केवलारी – वैनगंगा टाइम्स ने सर्वप्रथम वन परिक्षेत्र केवलारी में हो रही अवैध कटाई का मामला उठाया था जिसमें जंगलों की अवैध कटाई का पूरा सच बताया गया था। वैनगंगा टाइम्स सम्पादक प्रवीण दुबे द्वारा प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन भवन भोपाल में शिकायत की गई जिसपर संज्ञान लेते हुए भोपाल से जांच के आदेश दिए गए । इसके साथ ही स्थानीय पत्रकारो द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए समाचार प्रकाशित किया गया साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की गई। इसके साथ ही समाजसेवियों द्वारा भी मुख्यमंत्री मोहन यादव के सिवनी आगमन पर शिकायत की गई थी । जिसके बाद जांच दल गठित कर जांच प्रारंभ किया गया जिसमें वैनगंगा टाइम्स द्वारा प्रकाशित खबर की पुष्टि अब जांच में हो रही है। जांच टीम के द्वारा जब शिकायतकर्ताओं के साथ सिर्फ दो कंपार्टमेंट की सघन जांच में ही सैकड़ो सागौन के हरे-भरे पेड़ों के ठूंठ मिले हैं। जिसके बाद वन विभाग सहित जिले में हड़कंप मच गया जो अब पूरे सिवनी जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। वन परिक्षेत्र की विभिन्न बीटो में सैकड़ो की संख्या में हरे भरे सागौन के पेड़ों की कटाई के सबूत जांच के दौरान सामने निकलकर आ रहे हैं। जिसके बाद जांच टीम के भी पसीने छूट गए।
मुख्य वन संरक्षक भोपाल द्वारा जांच के निर्देश पर उपवन संरक्षक सिवनी द्वारा जांच टीम गठित की गई जिसमें शिकायतकर्ता प्रवीण दुबे,स्वप्निल उपाध्याय, कृष्णा प्रजापति एवं वरिष्ठ पत्रकार रफीक खान एवं आदिल खान देवराज डहेरिया सहित पत्रकारों की उपस्थिति में जांच दल ने जंगल का निरीक्षण किया जिसमें जंगल के केवल दो कम्पार्टमेन्ट में सैकड़ो की संख्या में सागौन के पेड़ों के ठूंठ दिखाई दिए। इनमें कुछ ढूंढ एक वर्ष पहले के थे तो कुछ ढूंढ ताजे हैं।

अब तक डीएफओ और सीसीएफ नहीं पहुंचे मौका स्थल पर
सैकड़ों की संख्या में हुई अवैध कटाई के सबूत मिलने के बाद भी वरिष्ठ अधिकारी डीएफओ सिवनी एवं सीसीएफ मौके पर नहीं पहुंचे हैं। जिससे कहीं न कहीं क्षेत्रवासियों में वन विभाग के खिलाफ आक्रोश देखा जा रहा है इसके साथ ही लापरवाह रेंजर और एसडीओ पर भी कोई कार्यवाही नहीं की गई है जो लगातार जांच को प्रभावित कर रह हैं। वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को मामले की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष जांच हेतु जल्द ही लापवाह और जांच को प्रभावित करने वाले इन गैरजिम्मेदार अधिकारियों को तत्काल हटाया जाना चाहिए ताकि निष्पक्ष जांच हो सके।
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अवैध कटाई देख जांच दल के भी पसीने छूटे
शिकायतकर्ताओं के साथ जांच दल द्वारा दो दिन में केवल दो कंपार्टमेंट की जांच ही संभव हो पाई क्योंकि जिस तरह से इन दो कंपार्टमेंट में ही सैकड़ो की संख्या में सागौन के हरे-भरे टूट निकल रहे थे जांच वैसे-वैसे विस्तृत रूप ले रही थी और ठूंठों का अंत होते नजर नहीं आ रहा था जिसके चलते एक दिन में एक कंपार्टमेंट में दर्जनों वन कर्मियों के द्वारा भी जांच करना भी मुश्किल हो पा रहा था। देर शाम तक चली कार्रवाई में कई अनेक खुलासे भी हुए जिसमें विभागीय कर्मचारियों के द्वारा सागौन के फोटो को नष्ट करने जलन एवं काटने के भी सबूत जंगल में मिले जिसे देखकर प्रतीत होता है कि अवैध कटाई में कहीं ना कहीं वरिष्ठ अधिकारियों का भी संरक्षण प्राप्त था जिसके चलते तस्कर बेवकूफ हरियाली पर आर चला रहे थे।





दिखावे के लिए 3 नाकेदार को किया गया निलंबित ,जिम्मेदार रेंजर पर मेहरबान वन विभाग
लगातार शिकायतों के बाद एवं प्रारंभिक जांच में तीन बीटों में हुई सघन जांच में सैकड़ो सागौन के ठूंठ मिले जिसके बाद वन विभाग ने 3 नाकेदारो क्रमशः राजाराम बघेल, केवलारी बीट,अखिलेश सरोते,कुंभदा बीट एवं राजेंद्र परते कंचनवाडा बीट को विभागीय कार्यवाही करते हुए निलंबित कर दिया गया है।परंतु इस कार्यवाही से क्षेत्र में आक्रोश देखा जा रहा है क्योंकि हमेशा की तरह इस कार्यवाही को भी छोटी मछली का शिकार कर बड़े मगरमच्छों पर मेहरबानी के आरोप लग रहे हैं। लोगों का कहना है कि जिस स्तर पर अवैध कटाई चल रही है उसमें विभाग के जिम्मेदार अधिकारी रेंजर को बचाने का प्रयास किया जा रहा है जिसपर क्षेत्रवासियों में काफी आक्रोश दिखाई से रहा है।
केवलारी एसडीओ एवं रेंजर पर कब होगी कार्यवाही ?
सूत्रों की माने तो यह अवैध कटाई केवलारी वन परिक्षेत्र केवलारी के रेंजर अमित सोनी के आने के बाद से तेज़ हो गई है क्योंकि इन्हीं महाशय की लापरवाही और मिलीभगत से तस्कर जंगलों में प्रवेश कर रहे थे और जंगलों का कीमती सागौन तस्कर काट के लेकर जा रह थे। परंतु विगत सालों से रेंजर सोनी द्वारा अपने पद का दुरुपयोग करते हुए उन अवैध कटाई को छुपाने का प्रयास किया गया जिसकी पोल आज जांच में खुल रही है।

रेंजर सोनी जांच को कर रहे हैं प्रभावित
इस पूरे मामले में शिकायतकर्ताओं द्वारा एक वर्ष पूर्व भी शिकायत की गई थी जिसमें भी जंगल में अवैध कटाई की जांच हुई और सैकड़ों सागौन के ढूंठ जांच में मिले परन्तु रेंजर सोनी ने अपनी पहुंच और रेटिंग के दम पर एसडीओ और उच्चाधिकारियों से सांठ गांठ कर मामला ही दबा दिया ओर इस बार भी मय प्रमाण शिकायत होने के बाद भी जांच में लेट लतीफी और जांच के दौरान ही जंगलों में ढूंठ की सफाई,ठूंठों को जलाने का काम और ठूंठों को नष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है और सागौन के ठूठ पर फर्जी हैमर लगाया जा रहा है जिसकी भी जांच होना बाकी है। रेंजर अमित सोनी की कार्यप्रणाली से क्षेत्र में काफी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि रेंजर सोनी से अब जंगल नहीं संभाल पा रहा हे इसलिए इन्हें हटाकर कोई अन्य ईमानदार रेंजर को लाया जाए ताकि जांच को प्रभावित न किया जाए और जंगल बच सकें।
