अनेक शिकायतों के बाद भी अब तक कोई कार्यवाही नहीं
केवलारी । शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खैरराजी में पदस्थ प्रभारी प्राचार्य कार्यरत शिक्षक शिक्षिकाओं को मानसिक प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इतना ही नहीं लेनदेन के मामले पर प्रभारी प्राचार्य गंभीर आरोप लगे हैं जिस पर जांच और कार्यवाही की मांग को लेकर संकुल में कार्य क्षेत्र में पदस्थ शिक्षक शिक्षिकाओं एवं कर्मचारियों द्वारा हस्ताक्षर युक्त शिकायत आवेदन कलेक्टर सिवनी के संज्ञान में लाते हुए जिला शिक्षा अधिकारी सिवनी को शिकायत की थी। संकुल के प्रभारी प्राचार्य लिखित आवेदन में आरोप लगे है कि एरियर्स की राशि निकालने के नाम पर 800 रुपए 71 कर्मचारियों से 42600 रुपए वसूल किया गया, आयकर सत्यापन के नाम पर 100 से 300 तक वसूल कियागया, चिकित्सा अवकाश स्वीकृत करने हेतु 2000 से 5000 तक मांगे जाने के भी आरोप लगाए गए हैं, क्रमोन्नति के नाम पर, 25.7.2025 को बाढ़ के कारण विद्यालय नहीं पहुंचने के कारण वेतन निकालने हेतु समस्त स्टाफ से 1000 डी ई ओ कार्यालय के नाम पर भी वसूले ऐसे कई बिंदु प्राचार्य के खिलाफ एक जुट होकर संकुल के पदस्थ कई कर्मचारियों ने लिखित शिकायत की है। प्राचार्य एन के खोबड़े संस्था के स्टाफ महिला शिक्षिकाओं को भेड़ाघाट पिकनिक जाने हेतु दबाव डालते हैं धमकी देते हैं जो नहीं जाएगा उनका वेतन रोक दूंगा । ऐसे गंभीर आरोप संस्था में पदस्थ शिक्षिकाओं ने लगाए हैं। वही संतान पालन हेतु अवकाश के जाने के नाम पर शिक्षिका को परेशान करने का आरोप भी है।
हफ्ते में कई दिन प्राचार्य कक्ष में लटका रहता है ताला
नंदकिशोर खोबड़े प्रभारी प्राचार्य प्रत्येक सप्ताह शुक्रवार को दो-तीन बजे अपने ग्राम बरघाट चले जाते हैं। तथा अगले सप्ताह तीन-चार दिन बाद मंगलवार को विद्यालय पहुंचते हैं इस अवधि में प्राचार्य कक्षा में ताला बंद रहता है तथा संस्था में किसी को लिखित प्रभाव देकर नहीं जाते ना ही स्टाफ को कोई सूचना दी जाती है ऐसा आवेदन में लिखित शिकायत संकुल के अन्य अन्य हस्ताक्षर युक्त कर्मचारियों ने अपने प्राचार्य के खिलाफ की है।
शिकायत के बाद हटाए गए प्राचार्य , जांच के दिए गए आदेश
जिला शिक्षा अधिकारी के निर्देश में शा.उ.मा.वि. खैररांजी के प्रभारी प्राचार्य नंदकिशोर खोबड़े को हटाया गया। नंदकिशोर खोबडे उ.मा.शि. एवं प्रभारी प्राचार्य शा.उ.मा.वि. खैररांजी के विरूद्ध प्राप्त शिकायतों को ध्यान रखते हुये, उन्हें संस्था के प्रभारी प्राचार्य के दायित्व से तत्काल प्रभाव से मुक्त कर दिया गया है साथ ही जांच टीम गठित कर जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
आदेशों की उड़ा रहे धज्जियां पालकों और बच्चों पर बना रहे दबाव
पालकों से प्राप्त जानकारी के अनुसार 6 मार्च को जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा प्राचार्य नंदकिशोर खोबरे को तत्काल प्रभाव से मुक्त कर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में उपस्थिति दर्ज कराने के आदेश दिए गए थे परंतु प्राचार्य नंदकिशोर खोबरे द्वारा आदेशों का पालन न करते हुए स्कूल के ही पालकों को शराब पिलाया जा रहा है । शिकायतकर्ता पालक और बच्चों को अपने पक्ष में बयान दिलाने हेतु लगातार दबाव बनाने का आरोप परिजनों ने लगाए हैं।
10 दिन होने के बाद भी शुरू नहीं हुई जांच
दिनांक 6 मार्च को जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा इस पूरे मामले में जांच के आदेश दिए थे और एक जांचदल गठित किया गया था परंतु आज दिनांक तक जांचदल के कोई भी सदस्य खैररंजी स्कूल नहीं पहुंचे हैं जिससे जांचदल टीम की जांच पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं इसी बीच आरोपी प्राचार्य इसका पूरा फायदा उठाते हुए बच्चों व उनके पालकों को अपने पक्ष में बयान देने का दबाव बना रहे हैं। अब देखना होगा कि की शिक्षा विभाग के जिम्मेदार जांच अधिकारी पीड़ित पक्ष को न्याय दिला पाते हैं या आरोपी प्राचार्य के साथ सांठगांठ कर मामले को दबाने का प्रयास कर हैं?