अवैध गांजा बरामदगी के बाद भी नहीं हुई कानूनी कार्रवाई!

सिवनी। आबकारी विभाग सिवनी एक बार फिर संदेह के घेरे में है। हाल ही में डालडा फैक्टरी, शास्त्री वार्ड बारापत्थर में स्थित रिज़वान फारूकी के घर से 1 से 1.5 किलो अवैध गांजा बरामद किया गया था। हैरान करने वाली बात यह है कि इतनी बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ मिलने के बावजूद, कोई ठोस कानूनी कार्रवाई नहीं की गई।
क्या आरोपी को बचाने की हो रही कोशिश?
सूत्रों के अनुसार, आबकारी विभाग के एडीओ प्रणय श्रीवास्तव ने आरोपी से गुप्त समझौता कर पूरे मामले को दबाने की कोशिश की। सवाल यह उठता है कि अगर अवैध मादक पदार्थ बरामद हुआ था, तो आरोपी पर कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं हुई? क्या एडीओ किसी प्रभावशाली व्यक्ति को बचाने का प्रयास कर रहे हैं?
आबकारी विभाग के अधिकारी के दावों में भारी विरोधाभास!
पहले छापेमारी से इनकार, बाद में स्वीकार करना—यह विरोधाभास क्यों?
सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शी गवाह छापेमारी की पुष्टि कर रहे हैं, फिर भी आबकारी विभाग सच्चाई को क्यों नकार रहा है?
अगर गांजा लावारिस था, तो इसे मीडिया से छुपाने की जरूरत क्यों पड़ी?
जब गांजा बरामद हुआ, तो इसकी जानकारी तुरंत क्यों नहीं दी गई? जबकि घटना 28 जनवरी की है, तो इतने दिन की देरी के पीछे क्या कारण है?
क्या प्रशासन पूरे मामले को दबाने की कोशिश कर रहा है?
यह पहली बार नहीं है जब आबकारी विभाग की कार्यशैली सवालों के घेरे में आई हो। पहले भी अवैध नशीले पदार्थों की बरामदगी को लेकर विभाग पर गंभीर आरोप लग चुके हैं। लेकिन हर बार मामले को रफा कर दिया गया है।
अब देखना यह होगा कि इस मामले में उच्च अधिकारी कोई कार्रवाई करते हैं या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा?